नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में रविवार को होने वाले आईसीसी महिला वर्ल्ड कप फाइनल का रोमांच चरम पर है, लेकिन मौसम की आशंकाओं ने क्रिकेट प्रेमियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमें इतिहास रचने के मुहाने पर हैं, वहीं नवी मुंबई के बदलते मौसम ने मैच के भविष्य पर हल्का साया डाल दिया है। मौजूद जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर से शाम तक 25 से 50 प्रतिशत बारिश की संभावना जताई गई है। उमस भरा मौसम और आसमान में उठते बादल मैच के दौरान रुक-रुक कर खेल को प्रभावित कर सकते हैं।
बता दें कि तापमान दिन में 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जो रात में घटकर करीब 25 डिग्री रह जाएगा। हालांकि, क्रिकेट प्रेमियों के लिए राहत की बात यह है कि आईसीसी ने मैच के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक प्रावधान कर रखे हैं। यदि रविवार को बारिश खेल बिगाड़ती है, तो सोमवार, 3 नवंबर को रिजर्व डे रखा गया है। गौरतलब है कि किसी भी नतीजे के लिए दोनों टीमों को कम से कम 20-20 ओवर खेलने जरूरी होंगे।
अगर बारिश के कारण रविवार को मैच पूरा नहीं होता है, तो मैच वहीं से रिजर्व डे पर जारी रहेगा जहां से वह रुका था। और अगर कम ओवरों वाला खेल भी बीच में बाधित रहता है, तो उस स्थिति में भी एजेंडा रिजर्व डे पर लागू रहेगा। लेकिन सबसे दिलचस्प स्थिति यह है कि यदि रविवार और रिजर्व डे दोनों में मैच नहीं हो पाता, तो दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया जाएगा। यह महिला विश्व कप इतिहास में पहली बार होगा।
उधर, भारतीय टीम कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में सेमीफ़ाइनल में सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल तक पहुंची है और दर्शकों की नजरें अब सिर्फ जीत पर टिकी हैं। वहीं दक्षिण अफ्रीका की टीम भी अपने पहले खिताब के लिए उतनी ही उतावली है। रिकॉर्ड समर्थकों की मौजूदगी और भावनाओं के उफान के बीच अब नज़रें आसमान पर टिकी हैं कि मौसम खेल बिगाड़ता है या इतिहास रचने का मौका देता है।

