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T20 World Cup से पहले वीरेंद्र सहवाग को भारतीय टीम पर भरोसा, इतिहास रचने की उम्मीद

टी20 क्रिकेट अब वैसा नहीं रहा, जैसा 2007 में था, जब महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने पहली बार टी20 वर्ल्ड कप जीतकर सबको चौंका दिया था। उस दौर में 160–170 का स्कोर बचाव योग्य माना जाता था, लेकिन बदलते समय के साथ खेल की रफ्तार भी बदली है और अब 250 से ज्यादा रन भी सुरक्षित नहीं माने जाते हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, युवा बल्लेबाज़ों की आक्रामक सोच, बड़े शॉट्स पर लगातार काम और बल्लेबाज़ों के अनुकूल हालात ने टी20 को पूरी तरह बदल दिया है।
गौरतलब है कि अब 200 से ऊपर के स्कोर आम बात हो चुके हैं, जब तक पिच या मौसम बल्लेबाज़ों के खिलाफ न हो। ऐसे में भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेज़बानी में होने वाला आगामी टी20 वर्ल्ड कप बल्लेबाज़ों का टूर्नामेंट साबित हो सकता है। इसी कड़ी में भारत के पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग का मानना है कि मौजूदा भारतीय टीम इतिहास रचने की पूरी क्षमता रखती है।
सहवाग ने कहा कि सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम शानदार क्रिकेट खेल रही है और हालिया 4–1 से न्यूज़ीलैंड पर मिली सीरीज़ जीत इसका उदाहरण है। उन्होंने बताया कि टीम में युवा जोश और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन दिखाई देता है, जो बड़े टूर्नामेंट में बेहद अहम होता है। बता दें कि सहवाग ने युवा बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी तेज़ शुरुआत भारत को विरोधियों पर शुरुआती दबाव बनाने में मदद करती है, ठीक वैसे ही जैसे वह अपने करियर में किया करते थे।
मौजूद जानकारी के अनुसार, ईशान किशन की हालिया शतकीय पारी और वरुण चक्रवर्ती की सटीक गेंदबाज़ी भी टीम की ताकत को और बढ़ाती है। सहवाग का मानना है कि निचले क्रम में रिंकू सिंह और शिवम दुबे जैसे खिलाड़ी किसी भी समय मैच का रुख बदल सकते हैं, खासकर तब जब शीर्ष क्रम जल्दी आउट हो जाए।
गौरतलब है कि अब तक कोई भी टीम घरेलू ज़मीन पर टी20 वर्ल्ड कप नहीं जीत सकी है, लेकिन सहवाग को भरोसा है कि जैसे भारत ने 2011 में घर पर वनडे वर्ल्ड कप जीता था, वैसे ही यह टीम टी20 में भी इतिहास बना सकती है। उन्होंने यहां तक कहा कि यह भारतीय टीम 2007 की विश्व विजेता टीम से भी अधिक संतुलित और मजबूत है, जिसमें बेहतरीन बल्लेबाज़, उपयोगी ऑलराउंडर, गुणवत्ता वाले स्पिनर और तेज़ गेंदबाज़ मौजूद हैं।
आखिर में सहवाग ने खिलाड़ियों को सलाह दी कि वर्ल्ड कप के दौरान मीडिया और सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखें, ताकि बाहरी दबाव से दूर रहकर अपने खेल पर पूरा ध्यान दे सकें और नतीजे अपने पक्ष में ला सकें हैं।
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