शनिवार को कैंडी के पल्लेकेले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए सुपर 8 ग्रुप 2 के मैच में श्रीलंका को 147 रन से नीचे रोकने में असफल रहने के बाद पाकिस्तान टी20 विश्व कप 2026 की दौड़ से बाहर हो गया है। इस मुकाबले का नतीजा मायने नहीं रखता, क्योंकि पाकिस्तान को न्यूजीलैंड को पछाड़कर क्वालीफाई करने के लिए 65 रनों से अधिक की जीत का अंतर बनाए रखना था। श्रीलंका के 147 रन का आंकड़ा पार करने के साथ ही न्यूजीलैंड सुपर 8 ग्रुप 2 से इंग्लैंड के साथ सेमीफाइनल में पहुंच गया है।
सुपर 8 ग्रुप 1 से दक्षिण अफ्रीका पहले ही शीर्ष चार में जगह बना चुका है, और कोलकाता में भारत बनाम वेस्टइंडीज का मैच अंतिम सेमीफाइनलिस्ट का फैसला करेगा। पाकिस्तान ने शनिवार को यहां सुपर आठ चरण के मैच में श्रीलंका के खिलाफ पांच रन से जीत दर्ज की लेकिन नेट रन रेट में न्यूजीलैंड से पिछड़ने केकारण टी20 विश्व कप से बाहर हो गया। सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान (100) के शतक और फखर जमां के (84 रन) के अर्धशतक तथा दोनों के बीच किसी भी विकेट के लिए टी20 विश्व कप इतिहास में 176 रन की रिकॉर्ड भागीदारी से आठ विकेट पर 212 रन बनाए।
इसके जवाब में श्रीलंकाई टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 20 ओवर में छह विकेट पर 207 रन बनाए जिसमें कप्तान दासुन शनाका ने नाबाद 76 रन और पवन रत्नायके ने 58 रन की अर्धशतकीय पारी खेलीं। पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाजों ने बड़ा स्कोर बनाने के लिए आक्रामक बल्लेबाजी की लेकिन श्रीलंका के मैदान पर खराब प्रदर्शन ने प्रतिद्वंद्वी टीम को फायदा पहुंचाने में योगदान दिया।
जमां 16वें ओवर में आउट हुए, उन्होंने दो जीवनदान का फायदा उठाते हुए 42 गेंद की पारी खेली जिसमें नौ चौके और चार छक्के जड़े थे। जब वह 15 रन पर थे तो दासुन शनाका की गेंद पर महीश तीक्षणा के हाथों से निकलकर एक चौका लग गया। जब वह 46 रन पर थे तब श्रीलंकाई विकेटकीपर ने कैच लेने की जोरदार अपील की लेकिन टीम ने डीआरएस नहीं लिया। फरहान (60 गेंद में नौ चौके, पांच छक्के) ने धमाकेदार बल्लेबाजी की पहल की जिससे पाकिस्तान ने पांचवें ओवर के अंदर 50 रन का आंकड़ा पार किया। इससे उन्हें हर ओवर में कम से कम 10 रन बनाने की लय मिली जिसे उन्होंने अच्छी तरह बनाए रखा। दाएं हाथ के बल्लेबाज फरहान ने टी20 विश्व कप के एक चरण में सबसे ज्यादा रन (319) बनाने का भारतीय सुपरस्टार विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा और टूर्नामेंट में अपना दूसरा शतक भी लगाया। उन्होंने गेंदबाजी आक्रमण का पूरा फायदा उठाया जो दबाव में अपनी लाइन एवं लेंथ से चूकते दिखे। श्रीलंका के गेंदबाजों के पास फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज के खिलाफ कोई रणनीति नहीं दिख रही थी।

