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Jemimah Rodrigues: विवाद से उभरकर सेमीफ़ाइनल हीरो बनीं, भारत को दिलाया वर्ल्ड कप फाइनल का टिकट

भारतीय क्रिकेटर जेमिमा रोड्रिग्स ने गुरुवार को महिला वनडे वर्ल्ड कप सेमीफ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलकर एक ऐसी पारी खेली, जिसने उन्हें देशभर में सुर्खियों में ला दिया है। उन्होंने दबाव के बीच नाबाद 127 रनों की पारी खेली और भारत को इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर फाइनल तक पहुंचाया है। मगर महज एक साल पहले तक उनका सफर इतना आसान नहीं था।
बता दें कि अक्टूबर 2024 में जेमिमा एक विवाद में फंस गई थीं, जब उनके पिता इवान रोड्रिग्स द्वारा मुंबई के खार जिमखाना में धार्मिक आयोजनों का मामला सामने आने के बाद उनकी मानद सदस्यता रद्द कर दी गई थी। मौजूद जानकारी के अनुसार, इन आयोजनों में ब्रदर मैनुअल मिनिस्ट्रीज़ से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम शामिल थे, जो जिमखाना के नियमों का उल्लंघन था। जिमखाना की नियमावली के तहत राजनीतिक या धार्मिक कार्यक्रमों की अनुमति नहीं होती है।
क्लब की कार्यकारिणी समिति के सदस्य शिव मल्होत्रा ने इस घटना पर कहा था कि, “ये चौंकाने वाली बात थी कि हमारे क्लब के अंदर ऐसे आयोजन हो रहे थे। यह अन्य जगहों पर होता सुना था, मगर यहां देखना चिंताजनक था।” इसके बाद सदस्यता बैठक में मतदान के ज़रिए रोड्रिग्स की मानद सदस्यता निरस्त करने का फैसला लिया गया। क्लब के अध्यक्ष विवेक देवनानी ने बताया था कि यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया था।
उधर, मैदान पर वापसी करते हुए जेमिमा ने अपने करियर की सबसे यादगार पारी खेली। सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने 14 चौकों से सजी अपनी शतकीय पारी के बाद अपनी मानसिक स्थिति को लेकर भावुक खुलासा भी किया। “मैंने इस दौरे के दौरान लगभग हर दिन रोया है। मानसिक रूप से अच्छा नहीं कर पा रही थी और लगातार चिंता से जूझ रही थी,” उन्होंने मैच के बाद कहा।
गौरतलब है कि जेमिमा ने इस पारी के साथ न सिर्फ भारत को फाइनल में पहुंचाया, बल्कि यह भी साबित किया कि असफलता और आलोचना के दौर से निकलकर भी कोई खिलाड़ी अपने खेल से नई कहानी लिख सकता है। अब वो रविवार को होने वाले फाइनल में देश को पहली महिला वनडे विश्वकप ट्रॉफी दिलाने के इरादे से उतरेंगी।
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