भारतीय टीम मौजूदा समय में इंग्लैंड दौरे पर है। जहां टीम में युवा खिलाड़ियों के साथ-साथ सबसे अनुभवी खिलाड़ी रवींद्र जडेजा भी है। वह अपने करियर में अब तक 80 से ज्यादा टेस्ट खेल चुके हैं। हालांकि, रोहित शर्मा के संन्यास लेने के बाद उन्हें कप्तानी या उपकप्तानी नहीं दी गई। एजबेस्टन टेस्ट के दूसरे दिन जडेजा शतक से चूक गए। उन्होंने 89 रन की पारी खेली और कप्तान शुभमन गिल के साथ 203 रन की पार्टनरशिप भी की।
वहीं दूसरे दिन स्टंप के बाद जडेजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की , इस दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि उनके लिए कप्तान की भूमिका निभाने का समय चला गया है। 2012 में डेब्यू करने वाले जडेजा के पास करीब 13 साल का टेस्ट अनुभव है। इतना ही नहीं वह अपने चौथे इंग्लैंड दौरे पर है। पीसी में जडेजा से कप्तानी की इच्छा के बारे में पूछा गया।
इस पर जडेजा ने कहा कि, नहीं अब वह समय चला गया है। दिन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए जडेजा से गिल की पारी के बारे में भी पूछा गया। उन्होंने कहा कि, ईमानदारी से कहूं तो वह बहुत आत्मविश्वास से भरे हुए दिख रहे हैं। बल्लेबाजी में वह कप्तान की तरह नहीं दिख रहे हैं उन्हें एक अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
जडेजा ने कहा कि, वह सब कुछ अपने साथ लेकर चल रहे हैं। मुझे उनकी बल्लेबाजी में ऐसा कुछ नहीं लगता। आज भी दुर्भाक्य से गेंद फील्डर के हाथ से चली गई। लेकिन आज मुझे नहीं लगा कि वह इस पारी में आउट होंगे। उन्होंने बहुत अच्छा खेला। जब हम साथ में बल्लेबाजी कर रहे थे तो हम साझेदारी के बारे में बात कर रहे थे कि हमारी साझेदारी लंबी होगी और हम एक-दूसरे से बात करते रहेंगे।