बीसीसीआई और फैंटेसी स्पोर्ट्स कंपनी ड्रीम 11 के बीच दो साल से चली आ रही टाइटल स्पॉन्सर की साझेदारी अब खत्म हो गई है। बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने सोमवार को इस बात की पुष्टि कर दी है। उन्होंने कहा कि ड्रीम 11 के साथ बोर्ड का करार खत्म हो गया है और अब वे एक नया लीड स्पॉन्सर की तलाश में हैं।
बता दें कि, बोर्ड ने ये फैसला हाल ही में ससंद में पारित और राष्ट्रपति की मंजूरी पाने वाले ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एंव विनियमन विधेयक 2025 के बाद लिया है। इस विधेयक के कानून बनने के बाद, ड्रीम 11 ने अपने सभी पैसे वाले ऑनलाइन गेमिंग कॉन्टेस्ट बंद कर दिए हैं।
साल 2023 में बीसीसीआई और ड्रीम 11 के बीच लीड स्पॉन्सर के तौर पर करार हुआ था। ये तीन साल की डील थी जिसकी वैल्यू 358 करोड़ रुपये थी। लेकिन अब नए कानून के तहत रीयल मनी बेस्ड गेमिंग ऐप्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है जिसका सीधा असर ड्रीम 11 के मूल्य व्यवसाय पर पड़ा है।
वहीं इस मौके पर बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में कहा कि, नए कानून के तहत बीसीसीआई के लिए ड्रीम 11 या ऐसी ही किसी अन्य गेमिंग कंपनी के साथ बने रहना मुश्किल होगा। ये एक बड़ी बाधा है और मुझे नहीं लगता कि हम ड्रीम 11 के साथ अब आगे बढ़ पाएंगे।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड के साथ ड्रीम 11 ने इस करार को बीच में खत्म किया है। इसके लिए कोई जुर्माना नहीं भरना पडे़गा क्योंकि इस अनुबंध में एक विशेष क्लॉज ये था कि अगर सरकारी प्रतिबंध या कानून में बदलाव की स्थिति होती है तो करार खत्म किया जा सकता है। ऐसे में अब टीम इंडिया को एशिया कप से पहले लीड स्पॉन्सर की जरूरत है। अगर टीम को लीड स्पॉन्सर नहीं मिलता है तो वह एशिया कप में बिना स्पॉन्सर के उतरेगी।