Sorting by

×

Vaibhav Suryavanshi: अंडर-19 वर्ल्ड कप हीरो, सचिन से तुलना और टीम इंडिया की दहलीज

कुछ खास पारियां सिर्फ स्कोरकार्ड नहीं बदलतीं, वे भविष्य की दिशा तय करती हैं। भारत की अंडर-19 विश्व कप 2026 की ऐतिहासिक जीत भी कुछ ऐसी ही रही, जहां कई युवा खिलाड़ियों ने योगदान दिया, लेकिन सबसे चमकदार नाम वैभव सूर्यवंशी का रहा। 
बता दें कि वैभव सूर्यवंशी ने फाइनल में सिर्फ 80 गेंदों पर 175 रनों की विस्फोटक पारी खेली। यह न सिर्फ भारत को छठा अंडर-19 विश्व कप खिताब दिलाने वाली पारी बनी, बल्कि अंडर-19 विश्व कप फाइनल का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर भी दर्ज हुआ। जिस आत्मविश्वास और बेखौफ अंदाज में उन्होंने बड़े शॉट्स लगाए, उसने उम्र की सीमाओं को गौण कर दिया।
गौरतलब है कि इतनी कम उम्र में लगातार बड़ी पारियां खेलने वाले वैभव को लेकर अब वही पुरानी बहस फिर शुरू हो गई है कि क्या असाधारण प्रतिभाओं को जल्दी आगे बढ़ाया जाना चाहिए। इसी कड़ी में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने वैभव की तुलना सीधे सचिन तेंदुलकर से कर दी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि पिछली बार जब 14 साल का कोई जीनियस बल्लेबाजी कर रहा था, उसका नाम सचिन तेंदुलकर था और भारत ने उन्हें ज्यादा इंतजार नहीं कराया।
मौजूद जानकारी के अनुसार, यह तुलना यूं ही नहीं की जा रही। सचिन तेंदुलकर ने स्कूल और घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने के बाद महज 16 साल की उम्र में 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने करीब ढाई दशक तक भारतीय क्रिकेट की पहचान गढ़ी।
हालांकि, वैभव सूर्यवंशी के मामले में तस्वीर थोड़ी अलग है। मौजूदा दौर में आईसीसी की न्यूनतम आयु नीति एक बड़ी बाधा बनकर सामने है। बता दें कि 2020 में लागू इस नियम के तहत कोई भी खिलाड़ी 15 साल से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल सकता। वैभव का जन्म 27 मार्च 2011 को हुआ है और फरवरी 2026 में विश्व कप जीत के समय उनकी उम्र तकनीकी रूप से 14 साल ही थी।
इसका मतलब यह है कि चाहे वे बिहार के लिए घरेलू क्रिकेट में कितने ही रन क्यों न बना लें या आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की ओर से अनुभवी गेंदबाजों को कितनी ही बार निशाना क्यों न बनाएं, भारतीय टीम में चयन के लिए उन्हें 27 मार्च 2026 तक इंतजार करना ही होगा। चयनकर्ताओं के पास नियमों से बाहर जाने का कोई विकल्प नहीं है।
फिलहाल, सचिन तेंदुलकर की मिसाल और शशि थरूर जैसे प्रभावशाली चेहरों के समर्थन के बावजूद वैभव सूर्यवंशी का सीनियर भारतीय टीम का सपना कैलेंडर के पन्ने पलटने का इंतजार कर रहा है। अगर सब कुछ सामान्य रहा, तो मार्च 2026 के बाद भारतीय क्रिकेट को एक और असाधारण कहानी मिलने की पूरी संभावना बनती दिख रही है।
शेयर करें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top