कोलकाता के ईडन गार्डन्स में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज़ का पहला मुकाबला शुरू होने से चार दिन पहले टीम इंडिया ने मंगलवार को वैकल्पिक अभ्यास सत्र रखा था। इस सत्र में सभी खिलाड़ी शामिल नहीं हुए, बल्कि कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों ने ही हिस्सा लिया। इनमें कप्तान शुभमन गिल और मुख्य कोच गौतम गंभीर भी मौजूद थे, जो सोमवार को ही ऑस्ट्रेलिया से लंबी उड़ान के बाद कोलकाता पहुंचे थे, जहां भारत ने हाल ही में टी20 सीरीज़ खेली थी।
मौजूद जानकारी के अनुसार, करीब तीन घंटे चले इस अभ्यास सत्र में सिर्फ सात खिलाड़ी नेट्स पर नजर आए। ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, केएल राहुल, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, आकाश दीप, देवदत्त पडिक्कल और अक्षर पटेल ने अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया। सत्र के बाद कोचिंग स्टाफ और कप्तान शुभमन गिल ने मैदान के केंद्र में जाकर पिच का बारीकी से निरीक्षण किया।
बताया जा रहा है कि गिल और गेंदबाजी कोच मॉर्नी मोर्केल ने पिच की सख़्ती को जांचा और उनके भावों से यह अंदाज़ा लगाया जा सकता था कि टीम प्रबंधन पिच की स्थिति से पूरी तरह संतुष्ट नहीं था। इसके बाद गिल ने पिच क्यूरेटर सुजन मुखर्जी को बुलाकर करीब 15 मिनट तक बातचीत की। बताया जा रहा है कि पिछले एक हफ्ते से पिच पर पानी नहीं डाला गया था, जिसकी वजह से यह सूखी और हल्के भूरे रंग की दिखाई दे रही थी, साथ ही उस पर थोड़ी बहुत हरी घास के धब्बे भी नज़र आ रहे थे।
गौरतलब है कि शाम को दक्षिण अफ्रीकी टीम ने भी अपने स्पिनरों पर ध्यान केंद्रित करते हुए अभ्यास किया। अभ्यास सत्र के बाद हाल ही में नियुक्त बंगाल क्रिकेट संघ (CAB) के अध्यक्ष सौरव गांगुली भी पिच का निरीक्षण करने मैदान में पहुंचे। उन्होंने भी पिच क्यूरेटर से चर्चा की। हालांकि मुख्य पिच को सूखा ही छोड़ा गया, लेकिन ग्राउंड स्टाफ ने आसपास की पिचों पर हल्का पानी डाला। गांगुली ने पहले ही साफ किया था कि भारतीय टीम ने “टर्निंग ट्रैक” या विशेष पिच की कोई मांग नहीं की है।
ईडन गार्डन्स इस घरेलू सत्र में दो रणजी ट्रॉफी मुकाबलों की मेज़बानी कर चुका है, जहां मोहम्मद शमी और आकाश दीप जैसे तेज़ गेंदबाजों को शुरुआती दिनों में मदद नहीं मिली थी, लेकिन रिवर्स स्विंग शुरू होते ही उन्होंने असर दिखाया था।
वहीं दक्षिण अफ्रीका की टीम भी संतुलित संयोजन के साथ भारत पहुंची है। उनके पास कगिसो रबाडा और मार्को जानसन जैसे तेज़ गेंदबाज़ हैं, तो दूसरी ओर स्पिन विभाग में केशव महाराज, सायमन हार्मर और सेनुरन मुथुसामी जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। बता दें कि इन तीनों स्पिनरों ने हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 33 विकेट झटके थे। मुथुसामी ने तो बल्ले से भी 106 रन बनाए थे और सीरीज़ के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए थे।
इस बार मुकाबला दिलचस्प रहने की उम्मीद है क्योंकि दोनों टीमें अपनी-अपनी ताकत के साथ मैदान में उतरने को तैयार हैं। भारत घरेलू परिस्थितियों में जीत का सिलसिला जारी रखना चाहेगा, वहीं दक्षिण अफ्रीका अपने गेंदबाज़ी आक्रमण से पलटवार की रणनीति बना रही है। दोनों टीमों के बीच पहला टेस्ट मैच दर्शकों के लिए रोमांच से भरा होने की संभावना है।

