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पूरे टूर्नामेंट में एक गेंद खेली और उसी पर पाकिस्तान के खिलाफ विजयी चौका लगाया रिंकू सिंह ने

रिंकू सिंह ने पूरे एशिया कप में एक ही गेंद खेली और उसी गेंद पर फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ विजयी चौका जड़कर उसे क्रिकेटप्रेमियों की जिंदगी भर की अमिट यादों में शामिल कर दिया।
पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल टूर्नामेंट में रिंकू का पहला मैच था।

उन्होंने हारिस रऊफ के आखिरी ओवर में चौथी गेंद खेली जो टूर्नामेंट में उनकी पहली गेंद थी और मिडआन पर चौका जड़कर भारत को नौवीं बार एशिया कप खिताब दिलाया।

रिंकू ने रोमांचक फाइनल जीतने के बाद कहा ,‘‘ और कुछ मायने नहीं रखता। एक गेंद मायने रखती है। वही चाहिये थी जिस पर मैने चौका लगाया। सभी को पता है कि मैं फिनिशर हूं। टीम जीत गई और मैं बहुत खुश हूं।’’

भारत के उपकप्तान शुभमन गिल ने आधिकारिक प्रसारक से कहा ,‘‘ अद्भुत है। हम पूरे टूर्नामेंट में अपराजेय रहे। बहुत अच्छा लग रहा है।’’
गिल ने कहा ,‘‘ हम आपस में ड्रेसिंग रूप में यही बात कर रहे थे कि मैच को आखिर तक खींचना है। लक्ष्य बड़ा नहीं था लेकिन दबाव में नहीं आना था। शुरूआती तीन विकेट जल्दी गिरने के बाद आसान नहीं होता। संजू और तिलक की साझेदारी और दुबे के वो छक्के बहुत महत्वपूर्ण थे।’’

गेंदबाजी कोच मोर्नी मोर्कल ने बल्लेबाजों की तारीफ करते हुए कहा ,‘‘ आज लड़कों ने शानदार प्रदर्शन किया। पावरप्ले में शुरूआत अच्छी नहीं रही लेकिन बाद में शानदार बल्लेबाजी। दुबे के लिये अच्छा मौका था और उसने पूरा इस्तेमाल किया।’’

शिवम दुबे को चोटिल हार्दिक पंड्या की जगह उतारा गया था।
चार विकेट लेने वाले स्पिनर कुलदीप यादव ने कहा ,‘‘ बीच के ओवरों में गेंदबाजी काफी अहम है। हम स्पिनर साथ में खेल रहे हैं और हर किसी की अलग भूमिका है।पाकिस्तान ने शुरूआत बहुत अच्छी की लेकिन हमें पता था कि कुछ विकेट निकल गए तो हम दबाव बना लेंगे।’’

संजू सैमसन ने कहा ,‘‘ मुझे दबाव में खेलना पसंद है। पाकिस्तान के खिलाफ बहुत मैच नहीं खेले लेकिन दबाव था। मैने अपने अनुभव का इस्तेमाल किया और तिलक के साथ बल्लेबाजी में मजा आया।

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