दिल्ली के पूर्व कप्तान मिथुन मन्हास भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं। 45 साल के मन्हास ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कभी भारत का प्रतिनिधित्व नहीं किया और वो अध्यक्ष बनकर इतिहास रच देंगे।
मिथुन मन्हास पहले अनकैप्ड क्रिकेटर होंगे, जो देश की सबसे मजबूत ईकाई का नेतृत्व करेंगे। नामांकन की समयसीमा रविवार को समाप्त हुई। बीसीसीआई की वार्षिक आम सभा 28 सितंबर को होगी, जिसमें चुनाव भी होंगे।
हालांकि, बीसीसीआई संविधान के लिए 2019 में संशोधन के बाद से चलन रहा है कि पद की भरपाई निर्विरोध रही है। पिछले कुछ सालों में बोर्ड ने लगातार पूर्व क्रिकेटरों को अध्यक्ष पद पर प्राथमिकता दी है। मन्हास से पहले सौरव गांगुली और रोजर बिन्नी इस भूमिका को निभा चुके हैं।
कौन हैं मिथुन मन्हास?
मिथुन मन्हास अपने साथ क्रिकेट और प्रशासनिक दोनों अनुभव लाते हैं। वह जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के साथ प्रशासनिक भूमिका में रहे और बीसीसीआई की एजीएम में राज्य का प्रतिनिधित्व भी किया। वहीं मैदान में वो भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे सम्मानित क्रिकेटरों में से एक रहे।
1997/98 में डेब्यू करने वाले मिथुन मन्हास मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज रहे। राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गज बल्लेबाजों की मौजूदगी में मन्हास भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व नहीं कर सके। हालांकि, घरेलू क्रिकेट में उनका कमाल का प्रदर्शन रहा।

