भारत ने पाकिस्तान को फाइनल में हराकर अपना 9वां एशिया कप खिताब जीता। फाइनल मैच में कई बार लगा कि पाकिस्तान जीत भी सकती है लेकिन अंत में टीम इंडिया ने बाजी मारी। जिसकी उम्मीद थी वही हुआ भी। फाइनल के बाद अवॉर्ड वितरण समारोह में भी विवाद देखने को मिला। भारतीय खिलाड़ियों ने साफ मना कर दिया कि हम मोहसिन नकवी से ट्रॉफी नहीं लेंगे। जिसके बाद नकवी ने ट्रॉफी बाहर भिजवा दी।
वहीं भारतीय खिलाड़ियों ने बिना ट्रॉफी के जीत को सेलिब्रेट किया। खिलाड़ियों ने हाथों में ट्रॉफी लेने की एक्टिंग करते हुए फोटो खिंचवाए लेकिन इन सब के बीच सभी के मन में ये सवाल जरूर था कि क्या भारत को ट्रॉफी नहीं मिलेगी?
आईसीसी का नियम
कप्तान का ट्रॉफी लेने से मना करना आईसीसी आचार संहिता के अंतर्गत आ सकता है लेकिन इसको लेकर कोई विशिष्ट नियम नहीं बना हुआ है। ये क्रिकेट की भावना के खिलाफ आ सकता है। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव को बताना पड़ेगा कि उन्होंने ट्रॉफी क्यों नहीं ली। फिर टूर्नामेंट की संस्था या आईसीसी किसी कार्रवाई पर निर्णय लेगी।
वहीं किसी मैच या खिताब को जीतने के बाद ट्रॉफी लेने से मना करना क्रिकेट की भावना का अनादर माना जा सकता है। इसकी रक्षा आईसीसी आचार संहिता का उद्देश्य है।
इसके साथ ही कप्तान या प्रतिनिधि को ट्रॉफी नहीं लेने का स्पष्ट और वैध कारण आईसीसी को बताना होगा। बीसीसीआई इस घटना को लेकर आईसीसी के अगले सम्मेलन में आधिकारिक रूप से कड़ा विरोध दर्ज करवा सकता है।

