Sorting by

×

प्रतिका रावल ने एक साल के करियर में किए बड़े कीर्तिमान, महज 3 साल की उम्र में पकड़ा बल्ला, पिता के अधूरे सपने को किया पूरा

इन दिनों भारतीय महिला क्रिकेट टीम में एक नाम काफी चर्चा में है। वो है, स्टार बैटर प्रतिका रावल जिन्होंने महज एक साल के क्रिकेट करियर में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। प्रतिका ने अपने पिता का अधूरा सपना पूरा किया। दरअसल, प्रतिका के पिता प्रदीप खुद एक क्रिकेटर बनना चाहते थे। 
प्रतिका ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से अपने पिता का अधूरा सपना पूरा किया। उन्हें पिछले साल शेफाली वर्मा की जगह वेस्टइंडीज सीरीज के लिए बतौर ओपनर चुना गया। उस समय वह मानो उनके पिता प्रदीप रावल के लिए ऐसा लम्हा था कि उन्होंने अपने अधूरे सपने को पूरा कर लिया हो। प्रतिका के परिजनों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। 
प्रतिका ने महज 3 साल की उम्र से ही क्रिकेट खेलना शुरू किया हो लेकिन प्रतिका पढ़ाई में भी बेहद अच्छी थीं। उन्होंने अपनी पढ़ाई और खेल के बीच बेहतरीन सामंजस्य बिठाया। उनके भाई का कहना है कि, उन्होंने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 92 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल किए। स्कूल में भी वह हर खेल खेलती थीं। उसके बाद वह क्रिकेट की स्टार बनीं और उसे अपना मेन खेल चुना। 
प्रतिका के पिता ने इंडियन एक्सप्रेस को एक इंटरव्यू में बताया कि, उन्होंने अपनी यूनिवर्सिटी के दिनों तक क्रिकेट खेला। वह उस दौरान एक ऑलराउंडर थे जो हार्ड हिटिंग के साथ मध्यम गति का तेज गेंदबाज था। लेकिन उन्हें उस समय सही मौका और सलाह नहीं मिल पाई। प्रदीप रावल ने आगे बताया कि वह अपने बच्चे के जरिए अपना सपना पूरा करना चाहते थे। जब प्रतिका सिर्फ तीन साल की थी मैंने उसे बैट पकड़ना सिखाया था। 
प्रतिका के पिता ने आगे बताया कि, मैं बीसीसीआई का लेवल 1 अंपायर बन गया और प्रतिका मेरे साथ जाती थी और मैच देखकर कर आती थी। उसे बास्केटबॉल में भी रुचि थी, नेशनल लेवल पर मॉर्डन स्कूल के लिए उसने गोल्ड भी जीता। जब वह 10-12 साल की हुई तो हमने क्रिकेट क उसके भविष्य की सही राह के रूप में चुना। 
प्रतिका के सफल करियर में उनके पिता का अहम योगदान रहा है। उनके पिता ने उनके लिए ट्रेनिंग और उसे क्रिकेटर बनाने के लिए हर वो मेहनत की जिसकी उसको जरूरत थी। प्रदीप ने बताया कि कोविड के समय प्रतिका के करियर का सबसे कठिन समय था। उसी के कारण उसके करियर की शुरुआत में देरी हुई। 
प्रतिका के पिता ने उनके लिए घर की छत पर पोल और नेट बनवाया। वह रोज सुबह बेटी के साथ एक घंटे और शाम को एक घंटे प्रैक्टिस करते थे। वो जब तक अपना अभ्यास नहीं करती थी ना खाती थी ना ही सोती थी। 
बता दें कि, प्रतिका ने पिछले साल वनडे में अपना डेब्यू किया था। 22 दिसंबर 2024 को पहली बार प्रतिका रावल ब्लू जर्सी में खेलती हुई दिखी थीं। अभी एक साल भी नहीं हुआ कि वह वनडे वर्ल्ड कप 2025 में बेहतरीन प्रदर्शन से सबको हैरान कर रही हैं। उन्होंने अभी तक न्यूजीलैंड के खिलाफ 134 गेंदों में 122 रन की बेहतरीन पारी खेली जिसमें 13 चौके और 2 छक्के भी शामिल हैं। 
शेयर करें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top